उत्तराखंड साहित्य सम्मेलन और हिंदी साहित्य अकादमी के काव्य गोष्ठी में कवियों ने खूब बटोरी सुर्खियां

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शनिवार को देहरादून के खुशीराम लाइब्रेरी में उत्तराखंड साहित्य सम्मेलन और हिंदी साहित्य अकादमी देहरादून की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें देहरादून के जाने माने कवियों और साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पत्रकार राजीव उनियाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि शिव मोहन सिंह ने किया।

आपको बता दें कि कार्यक्रम का संचालन उत्तराखंड साहित्य सम्मेलन के महामंत्री वीरेंद्र डंगवाल ‘पार्थ’ ने किया जहां देहरादून के हर कोने से आए कवियों ने अपनी सुंदर रचनाओं से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। जहां भानू प्रताप सिंह ने अपनी रचनाओं से सबको लुभाया वहीं रविन्द्र सेठ और नरेंद्र शर्मा अमन ने अपनी हास्य कविताओं से सबको हंसा हंसा कर लोट पोट कर दिया। डॉ. मनोरमा नौटियाल ने अपनी गढ़वाली कटाक्ष कविता से सरकार की नीतियों पर प्रश्न चिन्ह लगाया। वहीं सबसे युवा कवियित्री रिद्धि सुकुमार ने अपनी कविताओं से सबको आश्चर्यचकित कर दिया।

साथ ही उर्मिला सिंह राममूर्ति और महेंद्र प्रकाशी अपने अंदाज से सबका ध्यान आकर्षित किया वहीं वरिष्ठ कवि परमवीर कौशिक ने अपनी और नवीन आजम ने अपनी रचनाओं से खूब सुर्खियां बटोरी। विकी आर्या और हर्ष मनी भट्ट की रचनाओं में तालियों की बौछार हुई। ऐसे में अनिल शास्त्री ने वर्तमान में चल रहे युद्ध के परिवेश पर सुंदर कविता परोसी।

ऐसे में कार्यक्रम का संचालन कर रहे वीरेंद्र डंगवाल ‘पार्थ’ ने मां गंगा पर लिखी अपनी सर्वश्रेष्ठ कविता ऊंचे पर्वत नीची घाटी में गंगा की धार से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया वहीं युवा कवि विवेक श्रीवास्तव ने अपनी कविता में देहरादून की खूबसूरती सहित यहां के खान पान का सुंदर चित्रण किया। साथ ही राहुल उदघोष ने अपने पिताश्री के गजल से शुरुआत कर के अपनी शानदार गजल सुनाई।

यह भी बता दें कि कार्यक्रम की आयोजक मीरा नवेली ने जब राम वन गमन की सुंदर चित्रण प्रस्तुत किया तब हॉल में बैठे सभी लोग शांत मन से उनके गीतों में खो गए। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिव मोहन सिंह ने अपनी गौरेया वाली कविता से सबको मंत्र मुग्ध कर दिया।

इस मौके पर देहरादून के जाने माने कवियों सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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