मंगलवार को सामाजिक संस्था जन जागरण अभियान समिति के पदाधिकारियों ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से भेंट कर उन्हें बताया कि वर्तमान में कुछ दिनों से चले आ रहे उत्तराखण्ड बनाम पंजाब/हरियाणा विवाद को खत्म करने और आपसी सौहार्द स्थापित करने की दिशा में भी संस्था सकारात्मक प्रयास करना चाहती है। संस्था ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि विगत 1 हफ्ते से चल रहे इस विवाद से वैश्विक स्तर पर भारत की बदनामी हो रही। लोग इसे हिन्दू बनाम सिक्ख और भारत के राज्य आपस में लड़ रहे है ऐसा भी एक मैसेज पूरे देश के साथ-साथ विश्व स्तर पर फैल रहा है। जो देश आपकी सद्भाव, सौहार्द और एकता को तोड़ने का काम कर रहा है।
बता दें कि संस्था के संस्थापक/अध्यक्ष स्वप्निल सिन्हा ने कहा कि
मान्यवर, इस टूरिज्म प्रदेश में टूरिस्ट तो आयेंगे ही, क्योंकि देवभूमि हिन्दुओं, सिक्खों और मुसलमानों के आस्था से सीधी जुड़ी हुई भूमि है। वही सभी धर्मों के पावन तीर्थ के साथ मनमोहक नजारे और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को और भी आकर्षित करती है। और यही पर्यटक उत्तराखण्ड के राजस्व में वृद्धि और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों के आजीविका का एक बड़ा माध्यम हैं। परंतु इस पर्यटकों के असीमित संख्या और कुछ पर्यटकों का अशिष्ट व्यवहार स्थानीय लोगों के सामने परेशानी खड़ी कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्था उत्तराखण्ड को देश का सबसे वेलकमिंग/फ्रेंडली प्रदेश बनाने और देश के कोने-कोने से आने वाले सभी धर्मों के पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच एक मित्रवत संबंध स्थापित हो ऐसी मंशा तो जरूर रखती है। परंतु संस्था आपको पर्यटकों के लिए सरकार से कुछ बेहद कठोर कानून भी बनाने का सुझाव दे रही है।
संस्था उक्त घटना के बाद इन सुझावों को लागू करने हेतु अनुरोध कर रही है :-
1- उत्तराखंड आने से पूर्व सभी पर्यटकों को रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो। जिसकी चेकिंग सभी बोर्डर पर की जाए। ‘प्रि रजिस्ट्रेशन’ में एक समिति संख्या में ही पर्यटकों को एक रूट पर जाने की अनुमति दी जाए। उन्हें अन्य स्थानों का भी सुझाव दिया जाए, पर्यटक अगर अलग अलग रूट पर जाए तो उससे एक रूट का ट्रैफ़िक दबाव कम होगा।
2- चारधाम यात्रा रूट पर विशेष व्यवस्था और नियम बनाई जाए, जहां यातायात के सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। रॉन्ग साइड ड्राइविंग, ओवर स्पीड, रॉन्ग पार्किंग पर बड़ा जुर्माना लगाया जाए जिससे यातायात नियमों का उलंघन कम हो और इसके लिए बड़े बड़े साइन बोर्ड लगाए जाए। और यह कानून सभी पर लागू किया जाए।
3- चारधाम यात्रा पर शराब पीना और शराब के साथ ट्रेवल करने पर पूरी पाबंदी लगे। यहां तक कि यात्रा रूट पर मौजूद शराब की दुकानों पर विशेष नजर रखी जाए।
4- यात्रा रूट पर सीएसआर के माध्यम से सरकार जगह जगह डस्टबीन की व्यवस्था कराए और इधर उधर कूड़ा फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई/दंड लगाई जाए। यह भी नियम सभी पर लागू हो।
5- यात्रा रूट और अन्य पर्यटन स्थलों पर कभी भी पर्यटकों और स्थानीय लोगों के मध्य किसी भी तनाव को बढ़ने से पहले ही रोक दिया जाए। हर स्थान पर पुलिस बल की तैनाती कराई जाए और यदि विवाद में लोग वीडियो बना रहें हो तो 2 घंटों के लिए इन्टरनेट बंद कर दिया जाए। जिससे विवाद को एक बड़ा रूप बनाने से रोका जा सके।
संस्था के संरक्षक डाॅ. राजेश डोभाल ने कहा कि पर्यटकों इस सभी कठोर नियमों को पर्यटकों से सख्ती कराया जाए और स्थानीय लोगों को अनावश्यक कानून अपने हाथ में लेने से बचने की नसीहत से पालन कराया जाए और स्थानीय लोगों को अनावश्यक कानून अपने हाथ में लेने से बचने की नसीहत दी जाए।
संस्था के सचिव विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस तुरंत अरेस्ट करें। संस्था आशा करती है कि पर्यटक उत्तराखण्ड आकर अपनी यात्रा को सुखद और यादगार बनाए साथ ही स्थानीय लोग अपने मित्रवत व्यवहार कर पर्यटकों के दिलों में अपनी विशेष स्थान बनाएं।
ऐसे में संस्था के पहल और सुझाव पत्र को पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने तत्काल अग्रिम कार्यवाही हेतु मुख्य सचिव आनंद बर्धन को भेज दिया। वही उन्होंने आश्वासन भी दिया कि सरकार ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि आपसी भाई चारा, सौहार्दपूर्ण वातावरण और सभी धर्मों जातियों के सम्मान हेतु सरकार प्रतिबद्ध है।
इस दौरान संस्था के संस्थापक/अध्यक्ष स्वप्निल सिन्हा, सचिव विवेक श्रीवास्तव, संरक्षक डाॅ. राजेश डोभाल, विजय शुक्ला और अमित कुमार मौजूद रहें।
