उत्तराखंड में मखाना उत्पादन की संभावनाएं तलाशती जन जागरण अभियान समिति

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देहरादून के संस्था जन जागरण अभियान समिति का प्रतिनिधिमंडल पटना में अपने शोध यात्रा के दौरान बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा भेंट की। संस्था के संस्थापक/अध्यक्ष स्वप्निल सिन्हा ने उन्हें उत्तराखंड की टोपी भेंट कर उनका सम्मान किया। इस शोध यात्रा में उत्तराखंड में मखाना उत्पादन की संभावनाओं को लेकर संस्था के उपाध्यक्ष प्रमोद बेलवाल और सचिव विवेक श्रीवास्तव ने उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी का बिहार के कृषि मंत्री के नाम लिखा पत्र भी दिए।

बता दें कि बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी को शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना व्यक्त की।

साथ ही उन्होंने बताया कि बिहार में मुख्य रूप से दरभंगा और मधुबनी जिले में मखाना की खेती होती है। कोसी और सीमांचल क्षेत्र में यदि देखें तो पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा और सीतामढ़ी में भी इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। अब समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, भागलपुर, पटना और बक्सर सहित कुल 21 जिलों में मखाना की खेती की जा रही है। पूरे भारत का 85 से 90 प्रतिशत मखाना उत्पादन अकेले बिहार करता है।

ऐसे में उन्होंने उत्तराखंड में मखाना की खेती के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि उत्तराखंड के कुछ क्षेत्र हैं जहां की जलवायु मखाना उत्पादन के लिए अनुकूल है। यदि वहां की मखाना की खेती होने लग जाए तो कई लोगों को रोजगार मिलेगा और हमारे देश की उन्नति और तेजी से होगी। उन्होंने संस्था जन जागरण अभियान समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यदि आप जैसे युवा इस तरह से देश के लिए काम करेंगे तो निश्चित रूप से भारत को विश्व में अपनी अलग पहचान बनाने में मदद मिलेगा।

वहीं संस्था के पदाधिकारी उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार से मिलकर उत्तराखंड में मखाना उत्पादन की संभावनाओं पर बातचीत की। निदेशक अभिषेक कुमार ने मखाना उत्पादन संबंधित किताब “मखाना मैजिक” भी दी जिससे अध्ययन करके काफी कुछ सिखा जा सकता है। सचिव विवेक श्रीवास्तव ने उन्हें उत्तराखंड की टोपी भेंट कर उनका सम्मान किया।

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