लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹1,725 करोड़ की लागत वाली ‘सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना’ का शुभारंभ किया। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और टूलकिट वितरित किए, वहीं युवाओं को जॉब ऑफर लेटर भी प्रदान किए।
इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि यह योजना लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने के साथ ही युवाओं को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के मूल्यों से जोड़ने का माध्यम है। योजना के जरिए युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
बता दें कि सीएम ने कहा कि युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके कौशल को रोजगार की जरूरतों से जोड़ना भी जरूरी है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के योग्य बनाना और उनके लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है।
साथ ही कार्यक्रम में जॉब ऑफर लेटर का वितरण युवाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल का हिस्सा रहा। वहीं, विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और टूलकिट प्रदान कर स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण को भी प्रोत्साहित किया गया।
ऐसे में ₹1,725 करोड़ की यह योजना प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। सरकार का लक्ष्य युवाओं की प्रतिभा और क्षमता को विकसित कर उन्हें रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ना है।
वहीं सीएम ने इस पहल को सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों और राष्ट्रीय एकता की भावना से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं का कौशल विकास प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

