सीएम धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के रास्ते पर ‘दिन दूनी रात चौगुनी’ गति से बढ़ रहा है – अमित शाह

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शनिवार को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने पर हरिद्वार में ₹1132 करोड़ से अधिक के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केन्द्रीय मंत्री अजय टम्टा सहित अनेक व्यक्ति उपस्थित थे।

बता दें कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज न सिर्फ उत्तराखंड में सीएम धामी की सरकार के चार साल पूरे होने के साथ राज्य में हमारी पार्टी की सरकार के 9 साल भी पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब देवभूमि उत्तराखंड अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत था। उत्तराखंड को अलग राज्य बनाकर इसे अलग पहचान दिलाने और उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए उत्तराखंड के युवा मैदान में उतरे थे। गृह मंत्री शाह ने कहा कि उस वक्त मौजूदा विपक्षी पार्टियों ने उत्तराखंड के युवाओं पर असहनीय दमन किया था। अनेक युवाओं को गोली लगी और कई ने बलिदान दिया। रामपुर तिराहे की घटना आज भी उत्तराखंडवासी भूले नहीं हैं। गृह मंत्री ने कहा कि हमारे नेता और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने का काम किया।

साथ ही गृह मंत्री ने कहा कि जब उत्तराखंड को अलग राज्य बनाया गया, तब विपक्षी पार्टी के नेता कहते थे कि छोटे राज्य कैसे टिकेंगे और इनकी अर्थव्यवस्था कैसे चलेगी। उन्होंने कहा कि अटल जी ने उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड के रूप में तीन छोटे राज्य बनाए और आज तीनों राज्य विकास की राह पर आगे बढ़ चुके हैं। श्री शाह ने कहा कि अटल जी ने उत्तराखंड को बनाया और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सँवारने का काम किया। उन्होंने कहा कि बीते नौ साल उत्तराखंड के विकास के नौ स्वर्णिम साल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते चार साल में सीएम धामी ने राज्य की एक-एक समस्या को चुन-चुन कर समाप्त करने का रचनात्मक प्रयास किया है। इसके कारण आज उत्तराखंड विकास के रास्ते पर ‘दिन दूनी रात चौगुनी’ गति से बढ़ रहा है।

ऐसे में गृह मंत्री शाह ने कहा कि आज 1132 करोड़ रुपए से अधिक के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन हुआ है। नई न्याय संहिताओं पर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए 150 साल पुराने कानून को समाप्त कर नई न्याय संहिताएं बनाई गई हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नए कानून 2028 तक पूरी तरह लागू कर दिए जाएंगे। इसके बाद एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की न्यायिक प्रक्रिया 3 साल में पूरी हो जाएगी और समय पर न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये दुनिया की सबसे आधुनिक और सबसे वैज्ञानिक न्याय संहिताएं हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड के 1900 युवाओं को पुलिस कांस्टेबल की नौकरी मिली है। उन्होंने इन युवाओं से सवाल किया कि अगर विपक्षी पार्टी की सरकार होती तो क्या उन्हें यह नौकरी मिल पाती? श्री शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी की सरकार होती तो नौकरी के लिए पर्ची भी चाहिए होती और खर्ची भी लगती। लेकिन अब इनकी कोई जरूरत नहीं है। श्री शाह ने कहा कि पहाड़ पर रहने वाली किसी बूढ़ी मां का बेटा बगैर किसी सिफारिश के आज नौकरी प्राप्त कर अपने घर जा रहा है। इसे ही सुशासन कहते हैं। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नकल विरोधी कानून ने रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने का काम किया है।

हालांकि कि उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 लोगों को भारत की नागरिकता दी गई। उन्होंने कहा कि जब वे सीएए कानून लेकर आए थे, तब विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने संसद में खूब हो-हल्ला किया था।श्री शाह ने कहा कि वे आज फिर से कहना चाहते हैं कि बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए हिन्दू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार है जितना इस देश पर यहाँ के नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण आजादी से लेकर अब तक इन शरणार्थियों को नागरिकता से वंचित रखा गया। ढेर सारी यातनाएं झेलकर वे हमारे देश में शरणार्थी बनकर आए हैं। गृह मंत्री ने सवाल किया कि ये शरणार्थी अपना धर्म और अपने परिवारों की महिलाओं का सम्मान बचाने के लिए आए हैं, ऐसे में क्या भारत उन्हें नागरिकता नहीं देगा? उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को जितना विरोध करना है, कर लें, लेकिन हम इन शरणार्थियों को नागरिकता देकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि 2024 के आम चुनाव में पीएम मोदी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। छह दशक के बाद ऐसा संभव हो सका। फिर 2024 में ही ओडिशा में पहली बार हमारी पार्टी का मुख्यमंत्री बना। हरियाणा में हमने हैट्रिक बनाई। महाराष्ट्र में हमने हैट्रिक बनाई। फिर 2025 में दिल्ली में सत्ताधारी पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। बिहार में हमने दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाई। केरल के तिरुवनंतपुरम में पहली बार हमारी पार्टी जीती। महाराष्ट्र में भी हमने विजय प्राप्त की।

वहीं अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने हमारी संस्कृति से जुड़े और कई साल से लंबित पड़े काम पूरे कर दिए हैं। धारा 370 समाप्त कर दिया। हिंदू शरणार्थियों के लिए सीएए लेकर आए। 550 साल से हिंदू समाज जिसकी राह देख रहा था, वह रामलला का मंदिर बनाने का काम भी हमने पूरा कर दिया। केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम में पूरे शहर की पुनर्रचना कराई। महाकाल लोक बनाया और औरंगजेब द्वारा तोड़ा गया काशी विश्वनाथ का कॉरिडोर भी मोदी जी ने बनाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने सीमांत गांव को भारत के पहले गांव का सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के माध्यम से हमने सीमांत गांवों का विकास कर वहां पलायन रोकने की वैज्ञानिक योजना बनाई। इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा फायदा आने वाले दिनों में देवभूमि उत्तराखंड को होने वाला है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी अपनी पूरी ऊर्जा घुसपैठियों को बचाने में लगा रही है। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री धामी जी ने लगभग 10,000 से ज्यादा अतिक्रमण उखाड़ कर फेंक दिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जहां-जहां घुसपैठिये हैं, हम केदारनाथ धाम से लेकर कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुन कर भारत से बाहर निकालने का काम करेंगे। विपक्ष के नेता को जितना विरोध करना है, कर लें। वह एसआईआर का भी विरोध कर रहे हैं। उन्हें हर चीज में नकारात्मकता दिखती है। गृह मंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग के एसआईआर कार्यक्रम का पुरजोर समर्थन कर रही है, क्योंकि जिस देश में लोकतंत्र को संभालने वाली मूल इकाई मतदाता सूची शुद्ध न हो, उस देश का लोकतंत्र कभी सलामत नहीं रह सकता।

ऐसे में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश से तुष्टीकरण की नीति को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी यहां यूनिफॉर्म सिविल कोड लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि इसके तहत नागरिक का धर्म कोई भी हो, उसे एक ही कानून के तहत देश में रहना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश भर में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बना है। श्री शाह ने कहा कि यूसीसी ही जनसांख्यिकी में हो रही अप्राकृतिक वृद्धि को रोकने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने जनसांख्यिकी में हो रहे बदलाव को रोकने के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाने का निर्णय किया है। कुछ ही दिन में वह कमेटी अपना काम शुरू कर देगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी ने केन्द्र में अपनी सरकार के समय 2004 से 2014 तक उत्तराखंड को अनुदान के तौर पर सिर्फ ₹54,000 करोड़ दिए, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 से 2024 तक राज्य को ₹1 लाख 87 हजार करोड़ देने का काम किया। इसके अलावा, केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री यानि 900 किलोमीटर के चार धाम महामार्ग के लिए ₹12 हजार करोड़, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए ₹8 हजार करोड़, ₹5 हजार करोड़ से उत्तराखंड में 30 राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, ₹2200 करोड़ से टनकपुर में 8 मार्गों के निर्माण, नजीबाबाद, अफजलगढ़ बाईपास, पुरकाजी, लक्सर और हरिद्वार रोड के नवीनीकरण के लिए भी धनराशि दी।

उल्लेखनीय है कि गृह मंत्री ने कहा कि राज्य का बजट विकास का द्योतक होता है। 2009 से 2014 के दौरान उत्तराखंड का औसत रेल बजट ₹187 करोड़ था, जबकि पिछले नौ साल में यह बढ़कर लगभग ₹4770 करोड़ हो चुका है। यह बताता है कि उत्तराखंड कितना आगे बढ़ा है। ₹26000 करोड़ की लागत से तीन नए रेलवे प्रोजेक्ट दिए गए। 303 किलोमीटर रेलमार्ग का विद्युतीकरण हुआ। 147 करोड़ रुपए से 11 अमृत स्टेशन विकसित हो रहे हैं। 100 फ्लाईओवर और अंडर ब्रिज बने हैं। सबसे बड़ी रेल सुरंग (ऋषिकेश से कर्णप्रयाग) बनाने का काम हुआ है। कई सारे हेलीपैड बने हैं। देहरादून एयरपोर्ट को आधुनिक किया गया है। एग्रीकल्चर और मत्स्य पालन के लिए ढेर सारा काम हुआ है। पर्वतमाला रोप में विकास कार्यक्रम में ₹2400 करोड़ दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय ₹1,80,000 थी, जबकि अब यह बढ़कर ₹2,74,000 हो गई है। उत्तराखंड की जीएसडीपी ₹2,22,000 करोड़ थी जो बढ़कर ₹3,82,000 करोड़ हो चुकी है। लगभग 10 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ मिला। 14 लाख से अधिक घरों को जल जीवन मिशन का फायदा मिला। 62 लाख लोगों को ₹5 लाख तक के मुफ़्त इलाज का फायदा मिला। 5,80,000 घरों में शौचालय बना। 60 लाख लोगों को प्रतिमाह प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज मुफ्त में मिलता है और 5,33,000 माताओं-बहनों को गैस सिलेंडर दिया गया।

यह भी बता दें कि गृह मंत्री ने कहा कि एक ओर भ्रष्टाचार करने वाली, अव्यवस्था फैलाने वाली और उत्तराखंड के निर्माण का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टी है और दूसरी तरफ चार धाम के प्रति अनन्य श्रद्धा से चार धाम यात्रियों की संख्या में तीन गुना वृद्धि करने वाली, उत्तराखंड के हर कस्बे को रोड से जोड़ने का प्रयास करने वाली, युवाओं को बिना खर्ची-बिना पर्ची नौकरी देने वाली, कॉमन सिविल कोड लाने वाली, सीएए के माध्यम से नागरिकता देने वाली, और घुसपैठियों को चुन-चुन कर निकालने का संकल्प लेने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता को इन विषयों पर दो पार्टियों में से किसी एक का चयन करना है। श्री शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी अपने नेता के नेतृत्व में पूर्णतया बिखर चुकी है। उन्होंने संसद में चर्चा करने की जगह हो-हल्ला कर संसद न चलने देने की नीति अपनाई। ऐसी पार्टी देवभूमि का विकास नहीं कर सकती।

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