तुम राम कहो या फिर घनश्याम कहो
तुम राम कहो या फिर घनश्याम कहो,तुम सीता कहो या फिर राधा नाम कहो,इन नाम में जो रस है उसका पान करो,इन सांसों की माला से उनका ध्यान करो,तुम राम कहो या फिर घनश्याम कहो। तुम जा रहे हो जाओ राम काज करो,तुम बिन रहूंगी कैसे, मुझको समझाओ,मुझे आंसुओं के संग में जीना होगा,विरह विष […]
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