देहरादून में रिस्पना पुल के पास गुफ्तगू कैफे में “राष्ट्रीय कवि संगम” महिला इकाई के सौजन्य से राष्ट्रीय कवि संगम की 144वीं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय कवि संगम देहरादून महिला इकाई की अध्यक्ष मीरा नवेली ने किया। वहीं मुख्य अतिथि कृष्ण दत्त शर्मा और विशिष्ट अतिथि के रूप में जसवीर सिंह हलधर एवं धीरेंद्र सिंह रहे।

बता दें कि उत्तराखंड में अपनी स्थापना के वर्ष से अब तक यह 144वीं काव्य गोष्ठी है। इस काव्य गोष्ठी में कुल 35 कवि एवं कवियित्रियों ने प्रतिभाग किया। सभी ने अपनी सर्वश्रेष्ठ रचनाएं सुनाई। कार्यक्रम का संचालन संस्था की महामंत्री इंदु जुगरान ने किया। साथ ही उन्होंने आज के दौर में कामकाजी महिलाओं के ऊपर अपनी रचना से सबको भावुक कर दिया। वहीं दर्द गढ़वाली एवं शिव शंकर शर्मा ने अपनी ग़ज़लें पढ़ीं, रविन्द्र सेठ और नीरज नैथानी ने अपनी व्यंग्यात्मक रचनाओं से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
साथ ही कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे कृष्ण दत्त शर्मा ने महाभारत के मुख्य पात्र भीष्म पितामह के ऊपर लिखी अपनी सर्वश्रेष्ठ रचना पढ़ी। जहां सतीश बंसल ने अपनी कविता से सबको बचपन की यादों में ले गए वहीं युवा कवि विवेक श्रीवास्तव ने ढलती उम्र पर अपनी कविता प्रियतम तेरी ढलती उमरिया सुन कर सभी को आनंदित किया। डॉ. राजेश डोभाल ने मेरा भारत महान रहे जैसी कविता पढ़ी वहीं जी के पीपील ने अपना सुंदर सा गीत सुनाया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही मीरा नवेली ने अपनी अध्यक्ष उद्बोधन के बाद अपनी सुंदर सी रचना “बांवरी मीरा पुकारे बावरें घनश्याम को” सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। आपको बताबदें कि इनके अध्यक्ष रहते अपने तीसरे वर्ष के कार्यकाल में यह 26वीं गोष्ठी है। वहीं इस कार्यक्रम की संयोजक रही युवा कवियित्री रिद्धि सुकुमार ने कृष्ण पार्थ संवाद सुनाकर सभी को चकित कर दिया और सह संयोजक शिव शंकर कुशवाहा ने अपनी सुंदर सी रचना सुनाई। आपको बता दें कि कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जसवीर सिंह हलधर ने 21वीं सदी पर सुंदर सी रचना सुनाई और धीरेंद्र सिंह सभी कवियों की सराहना करते हुए कुछ पंक्तियां सुनाई।

यह भी बता दें कि राष्ट्रीय कवि संगम क्षेत्रीय महामंत्री श्रीकांत शर्मा ने हिन्दुस्तान महान हमारा हिन्दुस्तान महान जैसे वीर रस के गीत से सबमें देशभक्ति की जोश भर दी। वहीं कवियत्री कविता एवं उर्मिला सहित सभी ने अपने सुन्दर छंद सुनाए।
इस मौके पर शिव शंकर शर्मा, दर्द गढ़वाली, रविन्द्र सेठ, नीरज नैथानी, जी के पीपील, सुभाष चंद्र वर्मा, शिव शंकर कुशवाहा, क्षमा कौशिक, कविता, रिद्धि सुकुमार, भानू प्रताप सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
